मुख्य बातें
- दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल पहुंचने की संभावना है।
- मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
- अगले 2-3 दिनों में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है।
भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल तट पर पहुंच सकता है। इस दौरान केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी जैसे तटीय राज्यों में प्री-मानसून बारिश हो रही है। आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार पश्चिमी हवाओं की कमजोरी के कारण यह समय पर नहीं आ सका। वर्तमान में, मानसून की उत्तरी सीमा केरल के निकट देखी गई है, जिससे अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि की संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी
आईएमडी ने 3 से 8 जून के बीच उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में तेज हवाओं और बारिश के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) की संभावना जताई गई है, जबकि तमिलनाडु और कर्नाटक में भी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीप के विभिन्न क्षेत्रों में 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
तटीय इलाकों में सावधानी
मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात में बाधा उत्पन्न हो सकती है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए किसानों और ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।
भारी बारिश का प्रभाव
पिछले 24 घंटों में लक्षद्वीप में अत्यधिक भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है, जबकि पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई है। कई क्षेत्रों में 70-95 किमी प्रति घंटा की तेज आंधी चली है। राजस्थान, हिमाचल, मध्य प्रदेश और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आई हैं।
आगे की स्थिति
यदि पश्चिमी हवाएं अनुकूल रहीं, तो मानसून 30 जून तक पूरे देश में फैल सकता है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे विभिन्न राज्यों में मौसम की स्थिति में बदलाव आ सकता है।












