मुख्य बातें
- भोपाल में ट्विशा शर्मा केस में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- सीबीआई ने रिमांड की मांग नहीं की, जिसके बाद कोर्ट ने हिरासत का आदेश दिया।
- गिरिबाला सिंह ने जेल में भी रौब दिखाने की कोशिश की, लेकिन जेल प्रशासन ने सख्ती दिखाई।
- ट्विशा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरिबाला और समर्थ पर सबूत नष्ट करने का आरोप है।
भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने रिमांड खत्म होने पर दोनों को कोर्ट में पेश किया, लेकिन दोबारा रिमांड की मांग नहीं की। इस पर कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगे हैं।
जेल में गिरिबाला सिंह का रौब
जेल पहुंचने पर गिरिबाला सिंह ने अपना रौब दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह कार में बैठकर ही जेल के अंदर जाएंगी और सीबीआई अधिकारियों से बात करने की मांग की। हालांकि, जेल प्रशासन की सख्ती के कारण उन्हें कार से उतरकर पैदल ही जेल के अंदर जाना पड़ा।
कोर्ट में तीखी बहस
कोर्ट में पेशी के दौरान गिरिबाला और समर्थ के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। गिरिबाला ने आरोप लगाया कि ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर कोर्ट में उनके बेटे के साथ मारपीट की थी। इस पर अनुराग ने कहा कि कोर्ट में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिससे घटना की सत्यता की जांच की जा सकती है। गिरिबाला ने मीडिया ट्रायल बंद करने की भी मांग की और अपनी और बेटे की जान को खतरा बताया।
ट्विशा की संदिग्ध मौत
ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ से हुई थी। महज कुछ महीनों बाद, 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थीं। गिरिबाला और समर्थ ने उसे एम्स भोपाल ले जाकर मृत घोषित कराया। इस मामले में गिरिबाला और समर्थ पर सबूत नष्ट करने का आरोप लगा है, जिसमें उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन कर मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया।












