मुख्य बातें
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर तीखा हमला किया।
- उन्होंने कहा कि सरकारी आवास स्थायी संपत्ति नहीं होती, इसे खाली करना पड़ेगा।
- सम्राट ने नीतीश कुमार की सराहना की, जिन्होंने पद छोड़ने के बाद आवास खाली किया।
- राजनीतिक बहस के बीच, RJD की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
बिहार की राजनीति में सरकारी आवास के मुद्दे पर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुजफ्फरपुर में आयोजित सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास खाली करना पड़ेगा, क्योंकि यह स्थायी संपत्ति नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में सरकारी आवास के उपयोग को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है।
मुख्यमंत्री का बयान
सम्राट चौधरी ने कहा, “यहां लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं। कोई माई का लाल नहीं है जो सरकारी घर खाली नहीं करेगा।” हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को राबड़ी देवी और उनके परिवार पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
सहयोग शिविर में चर्चा
सहयोग शिविर के दौरान, सम्राट चौधरी ने राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा की और लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
नीतीश कुमार का उदाहरण
बरबीघा में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को हमेशा अपने सरकारी बंगले की चिंता बनी रहती है। उन्होंने नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 10 वर्षों में किसी सरकारी बंगले में नहीं रहे हैं। पद छोड़ने के बाद उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था, फिर भी उन्होंने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब देखना होगा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। यह राजनीतिक बहस बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है।












