मुख्य बातें
- भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में अब टीडीआर के तहत अतिरिक्त निर्माण का अधिकार मिलेगा।
- सरकार ने भूमि अधिग्रहण पॉलिसी में नए पात्रता बदलाव को मंजूरी दी है।
- 1342 संपत्तियों को हटाने की प्रक्रिया में 124 संपत्तियां आंशिक रूप से अधिग्रहित की गई हैं।
- मुआवजे में बाजार मूल्य के साथ 100% सांत्वना राशि का प्रावधान किया गया है।
भोपाल में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत अब टीडीआर यानी ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स के माध्यम से अतिरिक्त निर्माण का अधिकार दिया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने मेट्रो के लिए भूमि अधिग्रहण पॉलिसी में नए बदलावों को मंजूरी दी है, जिससे 1342 संपत्तियों को हटाना तय है। यह निर्णय उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जिनकी संपत्ति का कुछ हिस्सा मेट्रो के लिए अधिग्रहित किया गया है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
नई मंजूरी पॉलिसी के तहत, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के समकक्ष या उससे बेहतर मुआवजा और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें मुआवजे के लिए बाजार मूल्य के साथ 100% सांत्वना राशि, एकमुश्त नगद सहायता और भत्ते शामिल हैं। आंशिक अधिग्रहण पर, भूमि का बाजार मूल्य के साथ 100% सांत्वना राशि या 200% मूल्य का ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स दिया जाएगा। वर्तमान में, मेट्रो की दो लाइनों के लिए केवल 40% संपत्तियों का ही अधिग्रहण किया जा सका है।
अधिग्रहण की स्थिति
ओरेंज लाइन में भेल की ओर, जिनसी, पुल बोगदा, और पुल पातरा के आसपास अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह, ब्लू लाइन के लिए न्यू मार्केट से लेकर जहांगीराबाद और प्रभात चौराहा के आसपास के क्षेत्रों में भी अधिग्रहण किया जा रहा है।
मेट्रो लाइन की जानकारी
भोपाल मेट्रो की ओरेंज लाइन की लंबाई 16.546 किमी है, जबकि भदभदा से रत्नागिरी लाइन की लंबाई 14.164 किमी है। शासन की तय पॉलिसी के अनुसार, बची हुई जगह पर दोगुना निर्माण का अधिकार दिया जाएगा।
सरकारी बयान
मेट्रो रेल के प्रबंध निदेशक चैतन्य एस. कृष्णा ने बताया कि प्रशासन के साथ मिलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। शासन की तय पॉलिसी के अनुसार ही व्यवस्थापन और मुआवजा दिया जा रहा है।












