मुख्य बातें
- केंद्र सरकार ने खाद्यान्न भंडार की स्थिति को लेकर राहत भरी जानकारी दी है।
- रबी विपणन सीजन में गेहूं की खरीद 350 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची।
- उर्वरकों की उपलब्धता भी पर्याप्त है, जिससे खरीफ सीजन की जरूरतें पूरी होंगी।
- सरकार ने प्याज की खरीद कीमत 24.4% बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलो की।
केंद्र सरकार ने सोमवार को खाद्यान्न भंडार की स्थिति को लेकर सकारात्मक जानकारी साझा की। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने बताया कि देश में गेहूं और चावल के भंडार मानक से दोगुने हैं। चालू रबी विपणन सीजन में गेहूं की खरीद 350 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है, जो 30 जून तक जारी रहेगी।
खाद्यान्न की उपलब्धता
खाद्य और उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने बताया कि देश में खाद्यान्न की उपलब्धता पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर खाद्य तेलों की स्थिति भी संतोषजनक है। प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों से पाम तेल, सूरजमुखी का तेल और सोयाबीन का तेल का आयात जारी है। इसके अलावा, देश में चीनी का भंडार भी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
उर्वरकों की स्थिति
केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। एसओएच व्यवस्था के तहत 25 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 15 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 10 लाख मीट्रिक टन एनपीके की आपूर्ति तय की गई है। ये खेप जून-जुलाई में भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगी। इसके साथ ही, 17 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया के आयात के लिए वैश्विक टेंडर प्रक्रिया भी चल रही है।
प्याज की खरीद कीमत में वृद्धि
अनुपम मिश्रा ने बताया कि सरकार ने प्याज की खरीद कीमत 24.4% बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलो कर दी है। यह निर्णय बाजार की मौजूदा स्थिति और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस साल के लिए सरकार ने दो लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है।












