मुख्य बातें
- सीबीआई ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच के लिए सीन रिक्रिएट किया।
- पति समर्थ और सास गिरिबाला को घटनास्थल पर लाया गया।
- 80 किलो के डमी पुतले का उपयोग कर फांसी के फंदे की स्थिति का अध्ययन किया गया।
- घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात, बैरिकेडिंग की गई।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने सोमवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया। जांच टीम ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उसकी सास गिरिबाला सिंह को घटनास्थल पर लाकर सीन रिक्रिएट किया, जहां से ट्विशा की लाश को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया है।
सीबीआई की जांच प्रक्रिया
सीबीआई की टीम ने घटनास्थल पर 80 किलो के डमी पुतले का उपयोग किया, ताकि यह समझा जा सके कि ट्विशा को फंदे से कैसे उतारा गया। समर्थ ने अपने बयान में कहा था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि गिरिबाला ने फंदे की गांठ खोली थी। टीम ने समर्थ से सवाल किया कि उसे ट्विशा की लाश किस एंगल पर लटकी मिली थी।
घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था
घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कटारा हिल्स थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। घर को चारों ओर से बैरिकेडिंग कर दिया गया है, ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
रात के घटनाक्रम की जांच
सीबीआई ने ट्विशा की सास और पति को उस स्थान पर लाया, जहां ट्विशा कथित तौर पर फंदे से लटकी मिली थी। जांच टीम ने उस रात के हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दिया, खासकर 09:40 से 10:20 बजे के बीच के समय में।
डमी पुतले का उपयोग
सीबीआई ने 80 किलो के डमी पुतले को लटकाकर यह जानने का प्रयास किया कि समर्थ का बयान घटनास्थल की परिस्थितियों से मेल खाता है या नहीं। गिरिबाला को भी डमी पुतले की गांठ खोलकर दिखाना होगा कि उन्होंने ट्विशा के गले का फंदा कैसे ढीला किया था।












