मुख्य बातें
- राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस मिला है।
- बंगला अब कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है।
- तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार से पहले अपना बंगला खाली करने की मांग की।
- राबड़ी देवी ने सरकारी नोटिस के बावजूद बंगला खाली करने से इनकार किया है।
बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस मिला है। यह बंगला अब कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मंत्री लेशी सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए राबड़ी देवी को नए आवास में स्थानांतरित होने की आवश्यकता बताई है।
मंत्री का बयान
भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने स्पष्ट किया कि राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित नया आवास आवंटित किया गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली नहीं किया। मंत्री ने कहा कि अब यह बंगला नंदकिशोर राम को दे दिया गया है, इसलिए राबड़ी देवी को इसे खाली करना होगा।
नंदकिशोर राम की प्रतिक्रिया
मंत्री नंदकिशोर राम ने इस मामले पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बिहार सरकार की ओर से आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी का यह कहना कि वह बंगला खाली नहीं करेंगी, उनके दलित होने से जुड़ा है। राम ने कहा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है और उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपील की कि राबड़ी देवी को उचित सम्मान दिया जाए।
तेज प्रताप यादव की मांग
राबड़ी देवी को 15 दिन का अल्टीमेटम मिलने पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना बंगला खाली करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब नीतीश कुमार अपना आवास छोड़ेंगे, तब राबड़ी देवी भी अपना बंगला खाली करेंगी।
सरकारी नोटिस और प्रशासनिक कार्रवाई
सरकार ने पहले भी राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने कहा है कि वे इसे खाली नहीं करेंगी। 30 मई को प्रशासनिक अधिकारियों ने राबड़ी देवी से बातचीत की, लेकिन उन्होंने सरकारी आवास खाली करने से इनकार कर दिया। इस मामले में राजनीतिक बवाल बढ़ता जा रहा है, और राबड़ी देवी के समर्थक भी उनके पक्ष में खड़े हो रहे हैं।












