मुख्य बातें
- सीबीआई ने ट्विशा शर्मा मामले में हर पहलू की जांच शुरू की है।
- गर्भपात से जुड़े सवालों के लिए डॉक्टर को समन जारी किया गया है।
- ट्विशा की मानसिक स्थिति और उपचार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
- परिवार ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का आरोप लगाया है।
भोपाल में बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गहराई से की जा रही है। इस मामले में गर्भपात के निर्णय और ट्विशा की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी समन किया है, जिसने ट्विशा को गर्भपात की सलाह दी थी, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि यह निर्णय किस परिस्थिति में लिया गया था।
जांच की दिशा
सीबीआई अब हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। गर्भपात के निर्णय के पीछे की परिस्थितियों को समझने के लिए एजेंसी ने डॉक्टर से पूछताछ करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी को भी बुलाया गया है, ताकि ट्विशा की मानसिक स्थिति और उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके।
परिवार का बयान
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं तब सामने आईं जब गर्भावस्था की स्थिति उत्पन्न हुई। परिवार का कहना है कि इस दौरान ट्विशा का वजन लगभग 15 किलोग्राम कम हो गया था। समर्थ ने पुलिस को बताया कि ट्विशा बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित थी और उसका व्यवहार अचानक बदल जाता था।
चोटों की जांच
सीबीआई ने पूछताछ के दौरान गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए यह जानने की कोशिश की कि क्यों कई गवाह और परिवार के सदस्य प्रताड़ना और क्रूरता के आरोप लगा रहे हैं। जांच अधिकारियों ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों के बारे में भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ट्विशा के शरीर पर मिले चोटों के निशान कैसे आए और क्या परिवार के सदस्य मौके पर मौजूद थे।
परिवार की प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने कई सवालों के जवाब देने में असमर्थता दिखाई। सास गिरिबाला ने पूछताछ के दौरान कई बार चुप्पी साधी और स्पष्ट उत्तर नहीं दिए। यह स्थिति जांच को और जटिल बना रही है।












