मुख्य बातें
- राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का आदेश, विवाद बढ़ा।
- रोहिणी आचार्य ने सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया।
- राबड़ी देवी ने कहा, “सरकार बलपूर्वक हटाकर दिखाए।”
- यह मामला बिहार की राजनीति में नया सियासी मुद्दा बन गया है।
बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर नया विवाद उत्पन्न हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राज्य की एनडीए सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना स्थित 10, सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के निर्देश दिए गए।
सरकारी आदेश का विवरण
भवन निर्माण विभाग ने 27 मई को एक आदेश जारी किया, जिसमें 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को डेयरी एवं मत्स्य मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। यह बंगला लोक भवन और मुख्यमंत्री आवास के निकट स्थित है। राबड़ी देवी इस आवास में वर्ष 2006 से रह रही हैं।
रोहिणी आचार्य का बयान
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कदम बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने लिखा, “अगर सरकार में हिम्मत है तो वह बंगला जबरन खाली कराकर दिखाए।”
राबड़ी देवी की प्रतिक्रिया
जब पत्रकारों ने शनिवार को राबड़ी देवी से इस मुद्दे पर सवाल पूछा, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहती है, तो वह उन्हें बलपूर्वक हटाकर दिखाए, लेकिन वह स्वयं यह बंगला खाली नहीं करेंगी।
राजनीतिक महत्व
रोहिणी आचार्य ने सरकार के इस कदम को ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए कहा कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री को घर से निकालने की कोशिश लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त है। यह विवाद बिहार की राजनीति में एक नया सियासी मुद्दा बनता नजर आ रहा है।












