मुख्य बातें
- सतना में जज रामावतार पटेल ने बिजली कटने पर आपत्ति जताई।
- 19 घंटे तक बिजली न आने से शहर में हड़कंप मच गया।
- जज ने ऑपरेटर को धमकाकर पूरे शहर की बिजली बंद करवाई।
- पुलिस और प्रशासन ने मामले को शांत करने के लिए हस्तक्षेप किया।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में न्याय के देवता के दबंगई का एक अनोखा मामला सामने आया है। चित्रकूट सिविल न्यायालय के जज रामावतार पटेल ने 19 घंटे तक बिजली न आने पर आपत्ति जताई और इसके चलते पूरे शहर की बिजली बंद करवा दी। यह घटना तब हुई जब गुरुवार रात तेज आंधी तूफान के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी।
घटना का विवरण
गुरुवार की रात चित्रकूट में आए तेज आंधी तूफान के कारण विद्युत आपूर्ति 19 घंटे तक बाधित रही। जब बिजली विभाग ने मेंटिनेंस के बाद बिजली बहाल की, तो जज रामावतार पटेल के घर की बिजली फिर भी नहीं आई। इससे नाराज होकर जज साहब रजौला फीडर पहुंचे और ऑपरेटर को भला-बुरा कहते हुए पूरे शहर की बिजली बंद करवा दी।
जज की कार्रवाई
जज रामावतार पटेल ने ऑपरेटर पवन सिंह को धमकाते हुए कथित तौर पर उसे थप्पड़ भी मारे। इस दबाव के चलते ऑपरेटर ने पूरे शहर की बिजली काट दी, जिससे चित्रकूट अंधेरे में डूब गया। इस स्थिति से परेशान होकर सैकड़ों लोग रजौला फीडर के बाहर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद चित्रकूट एसडीओपी राजेश बंजारे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। इसके बाद ही बिजली बहाल हो सकी। जेई प्रवीण कुमार वर्मा ने बताया कि जज साहब के दबाव के कारण पूरे शहर की बिजली काटी गई थी।
मामले की वर्तमान स्थिति
बिजली विभाग ने जज रामावतार पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है और प्रशासन को स्थिति को नियंत्रित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।












