मुख्य बातें
- शिवपुरी में आवारा कुत्तों के हमले से 60 लोग घायल हुए हैं।
- घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और दुकानदार शामिल हैं।
- जिला अस्पताल में डॉग बाइट के मामलों की संख्या सामान्य से छह गुना बढ़ी।
- नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में रविवार को आवारा कुत्तों के हमले ने लोगों में दहशत फैला दी। शहर के विभिन्न इलाकों में एक आक्रामक कुत्ते ने अचानक लोगों पर हमला कर दिया, जिससे एक ही दिन में लगभग 60 लोग डॉग बाइट का शिकार हो गए। घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और दुकानदार शामिल हैं, जो जिला अस्पताल पहुंचे।
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ते ने शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर लोगों को निशाना बनाया। कई बच्चे घरों के बाहर खेल रहे थे, जबकि कुछ लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान, कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। स्थानीय निवासी रज्जाक ने बताया कि वह अपनी दुकान पर काम कर रहे थे, तभी कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। एक अन्य पीड़ित ओमवीर सिंह ने कहा कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और कुत्ता लगातार कई लोगों को काटता रहा।
अस्पताल में अफरा-तफरी
घटना के बाद जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सामान्य दिनों में जहां डॉग बाइट के 10 से 15 मामले आते हैं, वहीं रविवार को यह संख्या बढ़कर 60 तक पहुंच गई। अस्पताल प्रशासन ने सभी घायलों का तत्काल उपचार शुरू किया और उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव ने बताया कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में डॉग बाइट के मामले आना असामान्य है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दवाएं और इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय समय पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराने की अपील की।
नगर पालिका की जिम्मेदारी
इस घटना ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी संख्या नियंत्रित करने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। दिलचस्प बात यह है कि नगर पालिका के अतिक्रमण प्रभारी अशोक खरे की पत्नी भी कुत्ते के हमले का शिकार हो गईं। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है और कुत्ते को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।












