मुख्य बातें
- बिहार सरकार ने टेंडर माफिया रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद दो IAS अधिकारियों को निलंबित किया।
- रिशु श्री पर सरकारी टेंडर दिलाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप हैं।
- जांच में पता चला कि रिशु ने अधिकारियों के परिवारों को विदेश यात्रा कराई थी।
- बिहार प्रशासनिक सेवा के अन्य अधिकारियों की भी जांच की जा सकती है।
बिहार की सम्राट सरकार ने टेंडर माफिया रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की है। इस मामले में दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई रिशु श्री पर लगे गंभीर आरोपों के बाद की गई है, जिसमें सरकारी टेंडर दिलाने के लिए रिश्वत लेने का मामला शामिल है।
गिरफ्तारी और निलंबन की जानकारी
विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने पटना में रिशु श्री को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले SVU ने उसके फ्लैट पर छापेमारी की, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री बरामद की गई। इसके बाद, बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर IAS योगेश कुमार सागर और IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा को निलंबित करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
रिशु श्री के खिलाफ आरोप
रिशु श्री पर आरोप है कि उसने सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए इन अधिकारियों को रिश्वत दी। जांच में यह भी सामने आया कि उसने अधिकारियों के परिवारों को यूरोप और ऑस्ट्रेलिया की महंगी यात्राएं कराई थीं। रिशु ने इन यात्राओं का पूरा खर्च खुद उठाया, जिसमें हवाई टिकट और फाइव स्टार होटलों में ठहरने का खर्च शामिल था।
जांच की गहराई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ही रिशु श्री के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जांच में यह भी पता चला कि रिशु ने 2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा के घर की छत पर बागवानी के लिए 9 लाख रुपये खर्च किए थे। रिशु ने बिहार के कई विभागों में अपने मजबूत नेटवर्क के जरिए टेंडर हासिल किए, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ।
आगे की संभावनाएं
सूत्रों के अनुसार, रिशु श्री से चल रही पूछताछ के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा और IAS कैडर के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भी जांच की जा सकती है। आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। इस मामले ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है और प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता को उजागर किया है।












