मुख्य बातें
- पटना के ’10 सर्कुलर रोड’ बंगले को खाली कराने का आदेश जारी हुआ है।
- राबड़ी देवी ने सरकारी आवास खाली करने से किया इनकार, प्रशासनिक अधिकारियों से की बातचीत।
- सरकारी आवास को लेकर बिहार की राजनीति में गरमाई बहस, एनडीए नेताओं ने किया हमला।
- भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को नया आवास आवंटित किया है, लेकिन विवाद जारी है।
पटना में ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित सरकारी बंगले को खाली कराने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सचिवालय की एसडीपीओ अनु कुमारी और पटना के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) ने राबड़ी देवी से बातचीत की, लेकिन उन्होंने आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया। यह मामला बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लाया है, जहां सत्ताधारी एनडीए के नेताओं ने राबड़ी देवी पर तीखा हमला किया है।
सरकारी अधिकारियों की राबड़ी देवी से बातचीत
सचिवालय की एसडीपीओ अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ राबड़ी देवी के आवास पहुंचीं। अधिकारियों ने उन्हें भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी नोटिस और आवास खाली करने के कानूनी आदेशों की जानकारी दी। हालांकि, बातचीत के बाद एसडीपीओ ने मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं की और वहां से चली गईं।
राबड़ी देवी का स्पष्ट इनकार
राबड़ी देवी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि वह जल्दबाजी में आवास नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी जितना भी फोर्स बुलाकर मकान खाली करवाना चाहें, मैं मकान नहीं खाली करूंगी।” उनका यह बयान बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है।
एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया
राबड़ी देवी के इस बागी रुख के बाद एनडीए के नेताओं ने उन पर हमला बोल दिया है। बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राबड़ी देवी को कानून का पालन करना होगा। जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने भी कहा कि सभी को सरकारी नियमों का पालन करना चाहिए।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नीतीश-सम्राट सरकार के भवन निर्माण विभाग ने ’10 सर्कुलर रोड’ बंगले को बीजेपी कोटे के नए मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया। विभाग का तर्क है कि राबड़ी देवी को 2025 के अंत में एक नया आवास आवंटित किया गया है, लेकिन लालू परिवार द्वारा पुराना बंगला खाली न किए जाने के कारण यह मामला कानूनी और राजनीतिक जंग का मैदान बन चुका है।












