मुख्य बातें
- राजस्थान के चूरू और श्रीगंगानगर में धूल भरी आंधी का प्रकोप हुआ।
- हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा रही, जिससे दृश्यता शून्य हो गई।
- 30 मिनट तक चले इस तूफान ने लोगों को घरों में कैद कर दिया।
- तूफान के बाद बारिश से तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई।
राजस्थान (Rajasthan) के चूरू (Churu) और श्रीगंगानगर (Shri Ganganagar) में शनिवार दोपहर को एक भयानक धूल भरी आंधी ने तबाही मचाई। इस घटना में हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो गई। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मौसम में अचानक बदलाव आया।
क्या है पूरा मामला
शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे चूरू और श्रीगंगानगर में मौसम ने अचानक अपना मिजाज बदल लिया। आसमान में धूल और रेत का एक विशाल गुबार उठ गया, जिसने पूरे सूरज को ढक लिया। इस धूल भरे बवंडर ने चारों ओर घनघोर अंधेरा छा दिया, जिससे सड़क पर चल रहे वाहनों की गति रुक गई।
बवंडर की तीव्रता
मौसम विभाग और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह कोई साधारण आंधी नहीं थी। इस बवंडर के दौरान हवाओं की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा मापी गई। यह धूल का गुबार लगभग 30 मिनट तक लगातार आगे बढ़ता रहा, जिससे लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
तूफान के बाद का मौसम
इस भयानक रेतीले तूफान के तुरंत बाद, आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इस आंधी और बारिश के कारण तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आई, जिससे स्थानीय लोगों को उमस और लू से राहत मिली।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने इस घटना को बेहद डरावना बताया। धूल भरी आंधी के कारण उन्हें अपने घरों में कैद होना पड़ा। हालांकि, बारिश ने उन्हें गर्मी से राहत दी। मौसम में इस अचानक बदलाव ने सभी को चौंका दिया।












