बिहार सरकार का राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस
बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनके सरकारी आवास ’10 सर्कुलर रोड’ को खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। इसके बावजूद, राबड़ी देवी ने इस आदेश का कड़ाई से इनकार कर दिया है। इस विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने आवास को खाली नहीं करेंगी और सरकार के इस आदेश को चुनौती दी। राबड़ी देवी ने कहा, “मैं अपने घर को खाली नहीं करूंगी, चाहे कोई भी ताकत क्यों न लगा दी जाए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने की चर्चा और राजनीतिक प्रतिक्रिया
रविवार को अपने पोते इराज के जन्मदिन समारोह में शामिल होकर पटना लौटने के बाद, पत्रकारों ने जब सरकारी आवास खाली करने के आदेश के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी जितना भी बल प्रयोग करें, मैं अपना घर नहीं छोड़ूंगी।” इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जंगलराज नहीं है, बल्कि कानून का पालन जरूरी है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “यहां कानून का सम्मान करना चाहिए। लालू परिवार ने जो भी खजाना छुपाया है, पुलिस उसे खोज निकालेगी।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राबड़ी देवी अपने परिवार के स्वार्थ के लिए कानून का उल्लंघन कर रही हैं।
राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ और कानून का पालन जरूरी
विजय कुमार चौधरी (जेडीयू नेता) ने भी इस मामले में कहा कि नियमों का पालन जरूरी है और कानून के मुताबिक ही कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, भाजपा के सांसद भीम सिंह ने राबड़ी देवी के बयान को टकराव पैदा करने वाला बताया और कहा कि उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार पुलिस की जरूरत नहीं है, एक दरोगा भी आवास खाली करवा सकता है।












