पत्नी की प्रताड़ना से परेशान पति ने इच्छामृत्यु की मांग की
सूरत (Surat) में किरीट पटेल नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की कथित प्रताड़ना और कानूनी उत्पीड़न से तंग आकर जीवन समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की है। पीड़ित पति ने अपनी पत्नी को ‘लुटेरी दुल्हन’ करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस उनकी शिकायतों को अनसुना कर रही है। कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे आत्महत्या कर लेंगे।
विवाहिक इतिहास और आरोपों का खुलासा
इस मामले का एक और पहलू उनके वैवाहिक जीवन का इतिहास है। किरीट और मनीषा दोनों की यह तीसरी शादी है। किरीट ने अपनी पत्नी को ‘लुटेरी दुल्हन’ बताते हुए कहा कि कुछ महिलाएं शादी के बाद घर से सामान लेकर भाग जाती हैं, जबकि कुछ कानून का दुरुपयोग कर पति और परिवार को कानूनी जंजाल में फंसा देते हैं। उनका दावा है कि उनकी पत्नी दूसरी श्रेणी में आती है।
न्याय न मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी और आरोप-प्रत्यारोप
किरीत पटेल ने कहा कि वे पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर कार्यालय के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि पुरुषों के अधिकारों की रक्षा के लिए कोई सख्त कानून नहीं है और समाज व कानून अक्सर महिलाओं की बात को ही सही मानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों में उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्महत्या कर लेंगे।
किरीत ने बताया कि उनकी शादी 14 नवंबर 2024 को मनीषा चौहान से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी, सास ताराबेन और साला दीपक भाई मिलकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनकी पत्नी पहले भी दो शादियों में लाखों रुपये लेकर विवाद में फंसी है और उनके पास इन मामलों के वीडियो भी मौजूद हैं।
पीड़ित पति ने कहा कि उनकी पत्नी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है। यदि उनका फोन व्यस्त रहता था तो पत्नी शक करती थी और पूछताछ करती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी ने उनसे कई लाख रुपये की मांग की और केस खत्म करने के बदले पैसे देने का दबाव बनाया।
किरीत ने यह भी कहा कि एक बार उनकी पत्नी ने उनके बेटे के मुंह पर रोटी दबाकर और गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की थी। यदि समय पर नहीं पहुंचते तो बेटे की जान जा सकती थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी बार-बार आश्वासन देते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि डीसीपी और अन्य अधिकारी धारा 307 के तहत मामला दर्ज करने की बात कहते रहे, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
इसके अलावा, पत्नी उनके खिलाफ भरण-पोषण और घरेलू हिंसा का मामला भी अदालत में चला रही है। किरीट का कहना है कि उन्हें इन मामलों से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वह अपने बेटे पर कथित हमले के मामले में न्याय चाहते हैं।
किरीत ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और प्रशासन उनकी शिकायत नहीं सुनेंगे, तो आम आदमी का क्या होगा। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने यहां तक कह दिया है कि ‘दो हजार लोग लेकर भी आ जाओ, हमें किसी से डर नहीं लगता।’ वर्तमान में यह मामला सूरत में चर्चा का विषय बना हुआ है।












