अहमदाबाद इस्कॉन ब्रिज हादसे में आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली
अहमदाबाद के इस्कॉन ब्रिज पर हुए भीषण सड़क दुर्घटना के मुख्य आरोपी तथ्य पटेल को सुप्रीम कोर्ट ने स्थायी जमानत प्रदान की है। इस हादसे में नौ लोगों की जान चली गई थी, और निचली अदालत में आरोपी को एक करोड़ रुपये का जमा करना पड़ा था।
2023 के दर्दनाक हादसे का पूरा घटनाक्रम और आरोपी का कानूनी संघर्ष
साल 2023 में अहमदाबाद के इस्कॉन ब्रिज पर एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें आरोपी तथ्य पटेल ने लापरवाही से तेज गति से वाहन चलाते हुए भीड़ और अन्य वाहनों को टक्कर मारी। इस दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। घटना के महज सात दिन बाद ही आरोपी के खिलाफ निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। वर्तमान में अहमदाबाद ग्रामीण सत्र न्यायालय में इस मामले की सुनवाई चल रही है, जिसमें घटना के चश्मदीदों की जांच पूरी हो चुकी है।
गवाहों की जांच और आरोपी का वर्तमान कानूनी स्थिति
इस मामले में कुल 191 गवाह हैं, जिनमें से लगभग 29 की जांच पूरी हो चुकी है। शेष गवाहों की जांच अभी जारी है। आरोपी तथ्य पटेल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत आरोप लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक उसे दोषी नहीं ठहराया गया है। मृतकों के परिवारों को मुआवजे के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है, इसलिए मुआवजे का निर्णय इस पर निर्भर करेगा।
अहमदाबाद की निचली अदालत और गुजरात हाईकोर्ट ने पहले भी आरोपी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, क्योंकि अपराध की गंभीरता और समाज पर इसके प्रभाव को देखते हुए कानूनी राहत नहीं दी गई थी। हालांकि, घटना के लगभग दो साल और दस महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को स्थायी जमानत दे दी, जिससे यह मामला पूरे देश और राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।












