अजमेर में जघन्य हत्याकांड: पुलिस ने जांच तेज की
अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में चार लोगों की क्रूर हत्या का मामला सामने आया है, जिस पर पुलिस ने अपनी जांच को तीव्र कर दिया है। इस विवादित हत्याकांड में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी सहित चार व्यक्तियों को मौत के घाट उतारने और उनके शवों को कार में जला देने का आरोप है।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और रिमांड प्रक्रिया
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता और उसकी बेटी सरिता को न्यायालय में पेश किया है। बोराड़ा थानाधिकारी सूर्यभान सिंह के अनुसार, जांच की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों की रिमांड मांगी गई थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर दो दिन की पुलिस रिमांड प्रदान की है। इस दौरान पुलिस दोनों से वारदात की योजना, ऑनलाइन मंगवाए गए हथियारों और अन्य सबूतों के बारे में पूछताछ कर रही है।
हत्या का कारण और आरोपी का आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी पता चला है कि इस जघन्य हत्याकांड में सुनीता, उसकी बेटी सरिता और उसका नाबालिग बेटा शामिल था। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने हत्या की रात रामसिंह के लिए बीयर की बोतलें लाकर दी थीं और अपनी मां से हत्या करने का इरादा भी बताया था। पुलिस के अनुसार, रामसिंह चौधरी एक हिस्ट्रीशीटर था, जिस पर 16 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उसकी पहली पत्नी सुनीता के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा था, जो उसकी दूसरी शादी और पारिवारिक कलह को और बढ़ावा दे रहा था।












