अजमेर में जघन्य हत्याकांड का खुलासा
राजस्थान के अजमेर जिले में एक भयावह हत्या की घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध में क्राइम, पारिवारिक विवाद और धोखे का अनूठा मिश्रण देखने को मिला है, जिसने पुलिस को भी कुछ समय के लिए भ्रमित कर दिया। हाइवे के किनारे एक जलती हुई स्कॉर्पियो मिली, जिसमें अंदर और बाहर कुल चार शव पड़े थे। गांव में अफरा-तफरी मच गई थी, और घर के अंदर एक महिला छाती पीट-पीटकर विलाप कर रही थी। लेकिन पुलिस का दावा है कि वही महिला इस पूरे कत्लकांड की मुख्य आरोपी है।
घटना का पूरा संदर्भ और जांच प्रक्रिया
यह घटना अजमेर जिले के बोराडा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव की है, जहां ग्रामीणों ने सड़क किनारे जलती हुई स्कॉर्पियो देखी। गाड़ी गांव से लगभग 500 मीटर दूर खड़ी थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। वाहन के अंदर तीन जली हुई लाशें थीं, और एक शव खेत में पड़ा था। शुरुआत में यह मान लिया गया कि यह एक बड़ा सड़क हादसा हो सकता है, लेकिन जांच में पुलिस को जल्द ही संदेह हुआ।
पुलिस ने मृतकों की पहचान पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी मां पूसी देवी, दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान देवी और रिश्तेदार महिमा चौधरी के रूप में की। जब पुलिस जांच कर रही थी, उस समय राम सिंह की पहली पत्नी सुनीता घर में बैठकर जोर-जोर से रो रही थी, कभी बेहोश होने का नाटक कर रही थी, तो कभी छाती पीट रही थी। गांव वाले मान रहे थे कि वह सदमे में है, लेकिन पुलिस का मानना है कि वह इस पूरे षड्यंत्र की मुख्य भूमिका निभा रही थी।
हत्या का खुलासा और आरोपी की गिरफ्तारी
प्रारंभिक जांच में सुनीता ने बताया कि राम सिंह अपनी मां को अस्पताल ले गए थे, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट ने इस कहानी को झूठा साबित कर दिया। शवों पर चोट के निशान पाए गए, जिससे पता चला कि मौत आग लगने से पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने परिवार के भीतर चल रहे तनाव और विवाद की ओर ध्यान केंद्रित किया।
पुलिस ने पता लगाया कि राम सिंह की दो शादियां थीं, जिनमें पहली पत्नी सुनीता और दूसरी सूर्यज्ञान देवी थीं। दोनों एक ही घर में रहती थीं। घटना वाली रात घर में भारी झगड़ा हुआ था, और इसी झगड़े के दौरान सुनीता ने अपने बेटी और बेटे के साथ मिलकर चार लोगों की हत्या कर दी। आरोप है कि उन्होंने धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया। हत्या के बाद शवों को घर से बाहर निकाला गया, फिर उन्हें स्कॉर्पियो में रखकर हाइवे पर ले जाकर आग लगा दी गई, ताकि यह हादसा लगे।
पुलिस का कहना है कि जब जांच चल रही थी, उस समय आरोपी महिला पुलिस के सामने ही मातम मना रही थी, जिससे किसी को भी शक नहीं हुआ। लेकिन फॉरेंसिक जांच और ग्रामीणों की जानकारी से पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। अब पुलिस ने सुनीता, उसकी बेटी और बेटे को हिरासत में लिया है, और उनसे पूछताछ जारी है। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है, और लोग अब भी इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि पुलिस ने जिस महिला को सब का सहारा माना, वही चार लोगों की हत्या की आरोपी निकली।












