मुख्य बातें
- ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइलें दागीं, लेकिन लक्ष्य तक नहीं पहुंचीं।
- अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकाने पर हवाई हमला किया।
- ईरान ने इजराइल के साथ संघर्षविराम वार्ता रोक दी है।
- अमेरिकी सेना ने एक ईरानी तेल टैंकर को रोकने के लिए मिसाइल दागी।
मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है, जब अमेरिकी सेना ने ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन की ओर दागी गई मिसाइलों के जवाब में हवाई हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि ईरान की मिसाइलें तकनीकी खराबी के कारण या फिर उन्हें नष्ट कर दिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्षविराम वार्ता को रोक दिया है।
ईरान की मिसाइलों का असफल प्रयास
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर कई मिसाइलें दागीं, लेकिन इनमें से अधिकांश अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं। कुवैत की ओर दागी गई दो मिसाइलें रास्ते में ही विफल हो गईं, जबकि बहरीन की ओर दागी गई मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन की सेना ने मिलकर नष्ट कर दिया।
अमेरिकी हवाई हमले का विवरण
अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के किश्म द्वीप पर स्थित एक सैन्य स्टेशन पर हवाई हमला किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट है। इस सैन्य स्टेशन में एक जल-शोधन संयंत्र भी है। CENTCOM ने इस हमले को ईरान के मिसाइल हमलों के तुरंत बाद अंजाम दिया।
संघर्षविराम वार्ता में रुकावट
ईरान ने इजराइल के साथ जारी लड़ाई के बीच संघर्षविराम वार्ता को रोकने का निर्णय लिया है। ईरान की दो अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि हिजबुल्ला के साथ लड़ाई के दौरान इजराइल की बमबारी की धमकी के बाद यह निर्णय लिया गया। एक क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम लागू करने की बात कहने के बाद से कोई संपर्क नहीं किया है।
अमेरिकी सेना की कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने एक ईरानी तेल टैंकर को रोकने के लिए मिसाइल दागी, जो अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहा था। CENTCOM ने बताया कि यह नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश में रोका गया सातवां जहाज है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता में गतिरोध की खबरों को “झूठा और गलत” बताया है। उन्होंने कहा कि बातचीत लगातार जारी है और ईरान को समझौता करने का समय आ गया है।












