मुख्य बातें
- ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के बाद अमेरिका ने जवाबी हमले किए।
- कुवैत पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा, क्षेत्र में तनाव बढ़ा।
- अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर बमबारी की।
- युद्धविराम की स्थिति नाजुक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी।
मध्य पूर्व में जारी नाजुक युद्धविराम के बीच, अमेरिकी सेना ने सोमवार को जानकारी दी कि ईरान द्वारा एक अमेरिकी ‘एमक्यू-1 प्रीडेटर’ ड्रोन को मार गिराने के जवाब में, उसने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर बमबारी की है। इस हमले के बाद, ईरान ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की बात स्वीकार की है। वहीं, कुवैत ने भी खुद पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
कुवैत पर हमले का दावा
कुवैत ने सोमवार तड़के बताया कि उस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए, जिन्हें रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई की। ये हमले ईरान युद्ध में लागू युद्धविराम की नाजुक स्थिति को दर्शाते हैं। अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन हमले लगातार जारी हैं।
ईरान की स्थिति
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस जलडमरूमध्य से तेल और प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है, और इजराइल ने लेबनान में भी अपनी स्थिति मजबूत की है।
अमेरिकी सेना की कार्रवाई
अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने बताया कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर और केशम द्वीप के आसपास हमले किए। इन हमलों में ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ड्रोन को नष्ट किया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ।
ईरान का जवाब
ईरानी अर्द्धसैन्य बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया। उन्होंने जवाबी हमले की बात स्वीकार की, लेकिन यह नहीं बताया कि हमला कहां किया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस स्थिति पर विचार करने के लिए अपने सलाहकारों से मुलाकात की है।
ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ मंच पर लिखा कि ईरान वास्तव में समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए फायदेमंद होगा।












