मुख्य बातें
- उत्तराखंड के चमोली में THDC टनल में राहत कार्य जारी है।
- 19 घंटे में 19 लोगों को रेस्क्यू किया गया, 7 की मौत की पुष्टि।
- टनल में पानी और मलबा होने से रेस्क्यू में बाधा आ रही है।
- मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया।
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में राहत एवं बचाव कार्य पिछले 19 घंटों से जारी है। इस हादसे में 22 मजदूर फंस गए थे, जिनमें से 19 को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। तीन मजदूर अब भी लापता हैं, और उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
टनल में पानी की समस्या
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि टनल के अंदर लगातार पानी भर रहा है, जिससे रेस्क्यू कार्य में रुकावट आ रही है। प्रशासन ने पानी निकालने के लिए सेना और एटीपीसी के वाटर पंप्स मंगवाए हैं। चार डी-वॉटरिंग पंप भी लगाए गए हैं, लेकिन पानी और मलबे की अधिकता के कारण राहत कार्य में कठिनाई हो रही है।
NDRF और SDRF की भूमिका
NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जयराना ने जानकारी दी कि टनल के एक किलोमीटर के क्षेत्र में पानी भरा हुआ है। मलबा, पत्थर और अन्य सामग्री के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी का स्तर कम होने पर लापता मजदूरों की तलाश में तेजी लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री का निरीक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार और परिजनों की सहायता में किसी भी प्रकार की कमी न हो। मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर रेस्क्यू टीमों से आवश्यक जानकारी भी ली।
अगले कदम
टनल में फंसे मजदूरों की तलाश के लिए राहत कार्य जारी रहेगा। प्रशासन और रेस्क्यू टीमों का प्रयास है कि जल्द से जल्द लापता मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सके। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर किया है।







