मुख्य बातें
- 20 साल की युवती को अस्पताल में जबरदस्ती का सामना करना पड़ा।
- दो युवकों ने रास्ता दिखाने के बहाने सुनसान इमारत में ले जाकर हमला किया।
- पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
- मामले की जांच जारी है, पुलिस ने कई सवालों के जवाब तलाशने शुरू किए।
महाराष्ट्र के संभाजीनगर में एक 20 वर्षीय युवती को आंखों के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जाना महंगा पड़ा। 19 सितंबर को घाटी अस्पताल पहुंचने के बाद, उसे दो युवकों से सामना करना पड़ा, जिन्होंने उसे रास्ता दिखाने के बहाने एक सुनसान इमारत की छत पर ले जाकर जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस घटना ने न केवल युवती की सुरक्षा को खतरे में डाला, बल्कि स्थानीय पुलिस की तत्परता को भी उजागर किया।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, युवती जब अस्पताल पहुंची, तब उसकी मुलाकात रोहन रिडलॉन और विशाल चावरिया नामक दो युवकों से हुई। आरोप है कि दोनों ने उसे रास्ता दिखाने का बहाना बनाकर एक जर्जर इमारत की छत पर ले गए। वहां पहुंचने के बाद, रोहन ने युवती के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। युवती ने अपनी सुरक्षा के लिए विरोध किया और आरोपी के हाथ पर काट लिया, जिससे वह वहां से भागने में सफल रही।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद, युवती ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया। बेगमपुरा पुलिस ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उनके ठिकानों की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि विशाल चावरिया जुबली पार्क इलाके में था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, रोहन रिडलॉन पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे जालना से गिरफ्तार किया गया।
जांच की दिशा
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि युवती को सुनसान इमारत तक ले जाने की योजना पहले से थी या नहीं। बेगमपुरा पुलिस थाना प्रभारी प्रविणा यादव ने बताया कि युवती के साथ अस्पताल में जबरदस्ती की कोशिश की जानकारी मिलने के बाद ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
मामले की वर्तमान स्थिति
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या आरोपी युवती को पहले से जानते थे या यह एक पूर्व नियोजित घटना थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच करने का आश्वासन दिया है।








