मुख्य बातें
- महाराष्ट्र सरकार ने ‘एअर इंडिया बिल्डिंग’ को 1,601 करोड़ रुपये में खरीदा है।
- इस इमारत में कई सरकारी दफ्तरों को शिफ्ट करने की योजना है।
- 2012 में आग के बाद मंत्रालय में जगह की कमी का सामना करना पड़ा था।
- केंद्र सरकार ने 2024 में इस बिक्री को मंजूरी दी थी।
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई की ऐतिहासिक ‘एअर इंडिया बिल्डिंग’ का अधिग्रहण किया है। यह सौदा मंगलवार को ‘एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड’ (AIAHL) के साथ 1,601 करोड़ रुपये में संपन्न हुआ। इस इमारत का उपयोग राज्य सरकार अपने कई दफ्तरों को स्थानांतरित करने के लिए करेगी, जो वर्तमान में किराए की जगहों पर संचालित हो रहे हैं।
आवश्यकता और योजना
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस इमारत के अंदरूनी रेनोवेशन की योजना बनाई है। विभाग का लक्ष्य इसे एक साल के भीतर पूरी तरह से तैयार करना है। इस अधिग्रहण से राज्य सरकार को मुख्य सचिवालय ‘मंत्रालय’ के निकट लगभग 46,470 वर्ग मीटर की जगह मिलेगी, जो कि अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पिछले घटनाक्रम
मंत्रालय भवन लंबे समय से जगह की कमी से जूझ रहा है। 2012 में लगी भीषण आग के बाद कई विभागों को वहां से हटाना पड़ा था, जिसके कारण सरकारी दफ्तर शहर के विभिन्न हिस्सों में बिखर गए। इससे सरकार को हर महीने भारी किराया चुकाना पड़ रहा था।
बिक्री की प्रक्रिया
एअर इंडिया ने 2018 में अपने असेट मोनेटाइजेशन प्लान के तहत इस इमारत को बेचने का निर्णय लिया था। उस समय इसकी कीमत 2,000 करोड़ रुपये रखी गई थी, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने 1,400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था। अन्य खरीदारों में ‘जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी’ और LIC भी शामिल थे।
सरकारी मंजूरी
2022 में, देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की और इस इमारत की बिक्री में महाराष्ट्र सरकार को प्राथमिकता देने की मांग की। केंद्र सरकार ने 2024 में इस बिक्री को मंजूरी दी, जिसके बाद महाराष्ट्र कैबिनेट ने नवंबर 2025 में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी। इस अधिग्रहण से सरकार को करोड़ों रुपये का किराया बचाने में मदद मिलेगी और कार्य में तेजी आएगी।












