महाराष्ट्र की अकोला जेल में दो कैदियों की संदिग्ध मौतें
महाराष्ट्र के अकोला जेल में बीते 48 घंटों के दौरान दो विचाराधीन कैदियों की मौत की खबर ने जेल प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दोनों कैदियों की अचानक बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से ही पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
पहली मौत का मामला और उसकी वजह
25 मई की रात को हुई इस घटना में मृतक की पहचान 42 वर्षीय दीपक रामदास चातारकर के रूप में हुई है, जो तेल्हारा तहसील के बेलखेड़ गांव का निवासी था। दीपक हत्या के एक मामले में 22 मई से न्यायिक हिरासत में था और अकोला जिला जेल में बंद था। जेल अधीक्षक महेंद्र जोशी के अनुसार, दीपक की अचानक तबीयत खराब होने पर जेल के डॉक्टर ने उसकी प्राथमिक जांच की और उसे तुरंत अस्पताल भेजा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी मौत और उसकी स्थिति
अगले ही दिन 26 मई को दूसरी घटना सामने आई, जिसमें बुलढाणा जिले के जिगांव निवासी 46 वर्षीय प्रल्हाद पांडुरंग रायपुरे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रल्हाद को बुलढाणा जेल से अकोला जेल ट्रांसफर किया गया था और वह भी हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में था। जेल अधिकारियों के अनुसार, उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अकोला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दोनों मामलों में कोतवाली पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।












