मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश में 23,213 शिक्षकों के पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
- शिक्षा निदेशालय ने रिक्त पदों का रिक्विजिशन चयन आयोग को भेजा है।
- खाली पदों के कारण पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
- भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने 23,213 रिक्त शिक्षकों के पदों का रिक्विजिशन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को भेज दिया है। यह कदम लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे थे। जल्द ही इन पदों पर चयन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
भर्ती की जानकारी
शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कार्यालय, प्रयागराज द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि प्रदेश के हजारों एडेड स्कूलों में लंबे समय से प्रधान और शिक्षकों के पद खाली हैं। इन पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। जनपदों से जानकारी जुटाकर आयोग को भेजी गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की राह साफ हो गई है।
रिक्त पदों का विवरण
भर्ती के लिए कुल 23,213 पदों में शामिल हैं:
- प्रधानाचार्य – 1502 पद
- प्रधानाध्यापक – 1003 पद
- प्रवक्ता – 2705 पद
- सहायक अध्यापक – 16,114 पद
- संबद्ध प्राइमरी के सहायक अध्यापक – 1889 पद
पढ़ाई पर प्रभाव
स्कूलों में खाली पदों का सीधा असर पढ़ाई पर पड़ा है। कई स्थानों पर एक ही शिक्षक को विभिन्न विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति से प्रशासनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि नई भर्ती से स्कूलों की स्थिति में सुधार होगा और बच्चों को विषय के अनुसार शिक्षक मिलेंगे।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता
भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। एनआईसी लखनऊ द्वारा तैयार ई-रिक्विजिशन पोर्टल पर सभी रिक्त पदों का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। इससे कागजी काम के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार हो रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए। अभ्यर्थियों को अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।












