बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी से जुड़े गंभीर आरोप
झारखंड की प्रसिद्ध और सुरक्षित मानी जाने वाली बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल इन दिनों विवादों के केंद्र में है। यहां पर महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण और जबरन गर्भपात कराने के आरोप ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। विपक्ष और बीजेपी नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक आरोप और जांच की प्रक्रिया
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि नवंबर 2025 में NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार एक महिला कैदी जेल में पूरी तरह स्वस्थ थी। बाद में उसकी स्वास्थ्य और माहवारी में अनियमितता की शिकायत पर जांच हुई, जिसमें उसकी गर्भावस्था का पता चला। मरांडी ने यह भी कहा कि जेल अधीक्षक पर पहले भी देवघर में इसी तरह के आरोप लग चुके हैं, जो बाद में सही साबित हुए।
जेल में गर्भावस्था और गर्भपात का विवाद
झारखंड सरकार ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें उच्च पदस्थ अधिकारी, महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ और सिविल सर्जन शामिल हैं। इस बीच, झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण और डालसा की टीम भी होटवार जेल पहुंची है। महिला कैदी का बयान दर्ज किया गया है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।












