मुख्य बातें
- हिमाचल प्रदेश में बारिश की रफ्तार धीमी, लेकिन मौसम सामान्य नहीं हुआ है।
- राज्य में 200 सड़कें बंद, मंडी और कुल्लू सबसे प्रभावित।
- मौसम विभाग ने भारी बारिश के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है।
हिमाचल प्रदेश में हाल के दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी भी असामान्य बना हुआ है। गुरुवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सूखा रहा, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों और प्रशासन में चिंता बढ़ गई है।
सड़कें और परिवहन प्रभावित
राज्य के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुसार, हिमाचल में अभी भी 200 सड़कें बंद हैं, जिनमें मंडी और कुल्लू सबसे अधिक प्रभावित हैं। मंडी में 64, कुल्लू में 60 और शिमला में 32 सड़कों पर आवाजाही ठप है। इसके अलावा, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भी भारी बारिश के कारण सड़कें प्रभावित हो रही हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुरुवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा में हल्की बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, 14, 17 और 18 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे प्रभावित इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बिजली और पानी की आपूर्ति पर असर
बारिश के कारण केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। हिमाचल में 45 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हैं, जिनमें से 35 मंडी में हैं। इसके अलावा, 39 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ा है। हाल के घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसमें रोहड़ू में सबसे ज्यादा 22 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
फ्लैश फ्लड का नुकसान
11 अगस्त को लाहौल-स्पीति के मुंची और चापोर नाला में आई फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन भी सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, मुंची-टिनो सड़क का लगभग 700 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके अलावा, सिंचाई की छोटी नहरों, पाइप और कुछ खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। 12 अगस्त को प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय लोगों से स्थिति की जानकारी ली।
राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जबकि कुकुमसेरी में सबसे ठंडा तापमान 10.3 डिग्री दर्ज किया गया। फिलहाल, हिमाचल में बारिश थमी हुई है, लेकिन बंद रास्ते, प्रभावित बिजली-पानी की व्यवस्था और आने वाले दिनों में भारी बारिश का अलर्ट स्थिति को सामान्य नहीं होने का संकेत दे रहा है।






