मुख्य बातें
- हिमाचल प्रदेश के निकाय चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है।
- बीजेपी ने दो बड़े नगर निगमों पर कब्जा किया, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर में सफल रही।
- राज्य के चार नगर निगमों में कुल 63 वार्डों में मतदान हुआ था।
- बीजेपी ने 37 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 23 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस को करारा झटका दिया है। रविवार को घोषित नतीजों के अनुसार, बीजेपी ने कांग्रेस के कब्जे से दो प्रमुख नगर निगम छीन लिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम की सीट पर जीत हासिल कर सकी, जबकि अन्य तीन नगर निगमों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया।
चुनाव परिणामों का विश्लेषण
इन चार नगर निगमों में कुल 63 वार्डों में मतदान हुआ था। बीजेपी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को केवल 23 सीटों पर संतोष करना पड़ा। इसके अलावा, तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। उल्लेखनीय है कि मंडी के बैहना वार्ड में कोई उम्मीदवार न होने के कारण वहां मतदान नहीं हो सका था।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने इस जीत को ‘जनमत संग्रह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह नतीजे सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज हैं। बिंदल ने यह भी बताया कि मंडी नगर निगम में बीजेपी ने 12 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा।
अन्य नगर निगमों में बीजेपी की जीत
मंडी के अलावा, सोलन और धर्मशाला में भी बीजेपी ने कांग्रेस को मात दी। सोलन में बीजेपी ने 17 में से 10 सीटें जीतीं, जबकि धर्मशाला में 11 वार्डों में जीत हासिल की। कांग्रेस को सोलन में 6 और धर्मशाला में केवल 5 सीटें मिलीं। मतदान के मामले में पालमपुर सबसे आगे रहा, जहां 68.97 प्रतिशत वोट पड़े।
कांग्रेस की स्थिति
कांग्रेस के लिए एकमात्र राहत की खबर पालमपुर से आई, जहां पार्टी ने 15 में से 11 सीटें जीतीं। इस हार पर सफाई देते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि पार्टी उम्मीदवार चयन जैसे स्थानीय कारणों की समीक्षा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल 15 प्रतिशत मतदाताओं के फैसले से पूरे प्रदेश का सियासी मूड तय नहीं किया जा सकता।












