फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में भागीदारी के बावजूद फरार आरोपी की कहानी
53 वर्षीय अभिनेता, जिन्होंने अपने करियर के दौरान स्पंदन मोदी और ट्विंकल डेव जैसे नामों का इस्तेमाल किया, ने कथित तौर पर एक दशक से अधिक समय तक अधिकारियों से छुपते हुए फिल्म, टेलीविजन धारावाहिक और थिएटर में सक्रियता जारी रखी। यह व्यक्ति कौन हैं और उनका जीवन कैसे रहा, यह अब जांच का विषय बन चुका है।
हेमंत मोदी का परिचय और उनका अपराधी इतिहास
हेमंत नागिनदास पुरूषोत्तमदास मोदी एक सहायक अभिनेता हैं, जिन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों, टीवी शो और स्टेज प्रस्तुतियों में भाग लिया है। पुलिस के अनुसार, वह पैरोल से भागने के बाद भी अपने करियर को जारी रखने में सफल रहा। जांचकर्ताओं ने बताया कि 2014 में अस्थायी पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद, हेमंत मोदी ने कभी जेल लौटना नहीं चाहा और पहचान बदलते हुए विभिन्न शहरों में स्थानांतरित होते रहे। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि वह पहले अहमदाबाद के पाटन में रुका था, फिर मुंबई आकर फिल्म और टीवी उद्योग में काम करने लगा। उसने स्क्रीन नाम स्पंदन मोदी का इस्तेमाल किया।
2005 के भूमि विवाद और गिरफ्तारी के बाद का घटनाक्रम
यह मामला जून 2005 का है, जब अहमदाबाद के नरोदा क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। बाद में हेमंत मोदी को हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया और 2008 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वह मेहसाणा जिला जेल में अपनी सजा काट रहा था, और गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश पर 2014 में 30 दिन की पैरोल मिली थी। हालांकि, पैरोल खत्म होने के बाद, वह जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने में असफल रहा। पुलिस ने 25 जुलाई 2014 को उसे फरार घोषित कर दिया।
फरार रहते हुए, हेमंत मोदी ने फिल्म, वेब श्रृंखला, टीवी धारावाहिक और थिएटर नाटकों सहित 40 से अधिक परियोजनाओं में काम किया। उनकी कथित फिल्मों में अमिताभ बच्चन और आमिर खान अभिनीत ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ और रणवीर सिंह की ‘जयेशभाई जोरदार’ शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला है कि वह ‘लाहौर 1947’ और ‘मेट्रो इन डिनो’ जैसी आगामी फिल्मों से जुड़ा था। इसके अलावा, वह ‘वागले की दुनिया’ और ‘मेरे साईं’ जैसे टीवी शो में भी नजर आया। थिएटर में भी वह ‘युगपुरुष’ और ‘गांधी विरुद्ध गोडसे’ जैसी प्रस्तुतियों में सक्रिय रहा।
अधिकारियों ने बताया कि अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने हाल ही में हेमंत मोदी को घी कांटा मेट्रो स्टेशन के पास एक आवास से गिरफ्तार किया। अब उसे मेहसाणा जिला जेल भेजा जाएगा, जहां वह अपनी आजीवन कारावास की बाकी सजा पूरी करेगा। 2005 के मामले में उसके खिलाफ हत्या, साजिश, दंगा, गैरकानूनी सभा और निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप दर्ज हैं।












