मुख्य बातें
- दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में होटल-रेस्टोरेंट में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई।
- घटना के समय होटल में विदेशी नागरिक भी मौजूद थे, जो इलाज के लिए आए थे।
- हादसे के दौरान स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में मदद की और कूदने वालों के लिए गद्दे बिछाए।
- होटल का रेस्टोरेंट कथित तौर पर बिना लाइसेंस के चल रहा था, जांच जारी है।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई। यह घटना उस समय हुई जब होटल में कई विदेशी नागरिक भी मौजूद थे, जो पास के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए थे। आग लगने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदते नजर आए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
घटना का विवरण
दिल्ली पुलिस को सुबह 8 बजकर 48 मिनट पर पहली कॉल मिली थी। इसके बाद फायर डिपार्टमेंट को 8:50, 8:55 और 9:16 बजे लगातार फोन किए गए। पुलिस और रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस के अनुसार, 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि राहत कार्य में कई घंटे लग गए। दोपहर 11 बजे के बाद तक शवों को निकाला जाता रहा।
वीडियो में मची अफरा-तफरी
हादसे के दौरान का वीडियो बेहद डरावना है। आग लगते ही चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। एक महिला खिड़की से कूदती है, जबकि अन्य लोग खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। एक महिला की चीखें सुनाई देती हैं, जो ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्ला रही थी। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की और सड़क पर गद्दे बिछाए ताकि कूदने वालों को चोट कम लगे।
होटल की स्थिति और जांच
जांच में पता चला है कि होटल का रेस्टोरेंट कथित तौर पर बिना लाइसेंस के चल रहा था। जांच एजेंसियां अब यह देख रही हैं कि क्या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है। होटल के मालिक लोकेश बजाज की अन्य प्रॉपर्टी पर भी सवाल उठ रहे हैं, जहां बेसमेंट में चार कमरे बनाए गए थे।
इस घटना ने सुरक्षा मानकों और होटल संचालन की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।











