मुख्य बातें
- दिल्ली के मालवीय नगर में ‘फ्लरिश स्टे’ होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई।
- मृतकों में 6 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो विभिन्न देशों के निवासी थे।
- होटल के बेसमेंट में अवैध रेस्टोरेंट चल रहा था, जिसके मालिक की गिरफ्तारी की जा रही है।
- प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह ‘फ्लरिश स्टे’ होटल में लगी भीषण आग में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई, जबकि 37 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना में 6 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के निवासी बताए जा रहे हैं। आग लगने का कारण होटल के बेसमेंट में स्थित अवैध रेस्टोरेंट में हुई घटना बताई जा रही है।
आग कैसे लगी
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:50 बजे होटल के बेसमेंट में आग लगी, जो तेजी से पूरे होटल में फैल गई। आग की लपटें पास के ‘मिकासा इन होटल’ तक भी पहुंच गईं। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर डिपार्टमेंट की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया।
होटल की अवैध गतिविधियां
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि होटल के मालिक लोकेश बजाज उर्फ टिंकू के पास रेस्टोरेंट चलाने का कोई लाइसेंस नहीं था। उनके पास मालवीय नगर में तीन होटल हैं, जिनमें ‘फ्लरिश स्टे’, ‘फ्लरिश इन’ और ‘लेमन ग्रीन’ शामिल हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग से बचने के लिए कई लोग होटल की खिड़कियों से कूद गए। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाए थे ताकि कूदने वालों को चोट न लगे। एक चश्मदीद ने बताया कि होटल में ठहरे अधिकांश लोग विदेशी नागरिक थे, जो दिल्ली के अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों के केयरगिवर थे।
सरकारी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।











