मुख्य बातें
- महोबा में पति ने पत्नी और दो बेटियों की हत्या की, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा।
- 17 जुलाई 2023 को हुई थी यह दिल दहला देने वाली घटना।
- अदालत ने इसे दुर्लभतम अपराध मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया।
- पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश के महोबा में एक पति द्वारा अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों की हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। यह घटना 17 जुलाई 2023 को हुई थी, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। आरोपी देवेंद्र विश्वकर्मा पर शराब और गांजे की लत होने का आरोप है, और उसने घरेलू विवाद के दौरान इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
घटना का विवरण
महोबा शहर के समदनगर मोहल्ले में 17 जुलाई 2023 को देवेंद्र विश्वकर्मा ने अपनी पत्नी रामकुमारी और दो बेटियों, 9 वर्षीय आरुषि और 6 वर्षीय सोनाक्षी पर पत्थर के सिलबट्टे से हमला किया। इस हमले में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया और स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया।
मुकदमा और सुनवाई
मृतका के पिता हरिप्रसाद ने देवेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामले में 9 गवाहों के बयान दर्ज किए, जिनमें 5 पुलिसकर्मी, एक डॉक्टर और मृतका के परिजन शामिल थे।
अदालत का निर्णय
अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का बारीकी से परीक्षण किया। न्यायालय ने इसे एक सुनियोजित और क्रूर अपराध मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है। इसके बाद, देवेंद्र विश्वकर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
समाज पर प्रभाव
इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और न्यायपालिका पर भरोसा जताया। यह निर्णय महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों के प्रति सख्त रुख का संकेत भी है। महोबा में यह मामला अब चर्चित मामलों में शामिल हो गया है, जिससे समाज में अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश गया है।












