मुख्य बातें
- गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान तेज हुआ।
- डासना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने मदरसे का ध्वस्तीकरण किया गया।
- प्रशासन ने अवैध कब्जे के खिलाफ न्यायालय के आदेशों का पालन किया।
- अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गाजियाबाद जिले में सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद अवैध निर्माणों और मदरसों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार को डासना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। यह कार्रवाई गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ की निगरानी में की गई।
मदरसे का ध्वस्तीकरण
डासना के कल्लूगढ़ी में स्थित मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुसार, इस मदरसे के खिलाफ वाद संख्या टी-202311280100410 के तहत कार्रवाई की गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था
ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। पुलिस और पीएसी के जवानों की बड़ी संख्या तैनात की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ और एडिशनल कमिश्नर राज करण नैय्यर ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में न्यायालय और राजस्व विभाग के आदेश हैं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य की कार्रवाई
डासना में की गई इस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन जिले के अन्य क्षेत्रों पर भी नजर रखेगा। अधिकारियों ने कहा कि जहां भी अवैध कब्जे या निर्माण के मामले सामने आएंगे, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान गाजियाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की प्रमुख कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।












