मुख्य बातें
- गाजियाबाद में ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत तीन अवैध मदरसे सील किए गए।
- 600 अपराधियों का सत्यापन किया गया, संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
- मुख्य आरोपी असद के सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, एक आरोपी फरार है।
- प्रशासन ने अवैध मदरसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में पुलिस और प्रशासन का ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ जारी है। इस अभियान के तीसरे और अंतिम दिन, सूर्या हत्याकांड के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन अवैध मदरसों को सील किया गया। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़ और अन्य अधिकारियों की टीम ने इस कार्रवाई का नेतृत्व किया, जिसमें 600 अपराधियों का सत्यापन किया गया और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
अवैध मदरसों पर कार्रवाई
खोड़ा क्षेत्र में प्रशासन ने मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल उलूम, सुल्तान अलारफीन मदरसा और एक अन्य मदरसे को सील कर दिया। यह कार्रवाई मदरसों के अवैध संचालन और सुरक्षा मानकों के अभाव के कारण की गई। संचालकों को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
अपराधियों का सत्यापन
‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत गाजियाबाद जिले में 600 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स का सत्यापन किया गया। पुलिस ने साहिबाबाद, इंदिरापुरम और खोड़ा थानों में करीब 150 पुराने अपराधियों को बुलाकर चेतावनी दी। इसके बाद, लगभग 80 लोग तख्ती लेकर साहिबाबाद थाने पहुंचे और भविष्य में अपराध न करने की शपथ ली।
संदिग्ध किराएदारों की जांच
खोड़ा के घने आबादी वाले इलाके में बिना सत्यापन के रह रहे किराएदारों की जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी असद के घर पर एसडीएम का नोटिस चस्पा किया गया है। पड़ोसियों के अनुसार, असद का पिता नवाब ने यह मकान कुछ समय पहले बेच दिया था।
मुख्य आरोपी के सहयोगियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने असद के एनकाउंटर के बाद उसके पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार किया है। हालांकि, एक अन्य आरोपी सारिक मेवाती अभी भी फरार है। पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।












