मुख्य बातें
- गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नौकरी दी।
- जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने परिवार को आर्थिक सहायता और नियुक्ति पत्र सौंपा।
- सूर्या चौहान की हत्या ने इलाके में भारी आक्रोश पैदा किया था।
- मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में मारा गया, अन्य तीन आरोपी गिरफ्तार।
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को राहत प्रदान की है। मंगलवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सूर्या के घर जाकर परिवार के एक सदस्य को नगर पालिका परिषद खोड़ा में सफाई सुपरवाइजर के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने परिवार से मुलाकात की और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
आर्थिक सहायता और नौकरी का आश्वासन
जिलाधिकारी ने परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पांच लाख रुपये का चेक भी सोमवार को सौंपा था। परिवार ने प्रशासन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। सूर्या चौहान की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रखा था, जिसके बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय सूर्या चौहान कक्षा 11 का छात्र था, जिसे 28 मई 2026 को चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उसे तुरंत नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुख्य आरोपी असद घटना के बाद फरार हो गया था, जिसके लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने 31 मई 2026 को असद को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके अलावा, हत्या की साजिश में शामिल तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रशासन ने असद के मकान पर ध्वस्तीकरण का नोटिस भी चस्पा कर दिया है, जिसमें 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और मामले में आगे भी आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी। सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद प्रशासन द्वारा दी गई आर्थिक सहायता और नौकरी को परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।












