मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में 278 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- फाजिलनगर का नाम बदलकर ‘पावागढ़’ करने का प्रस्ताव रखा गया।
- सीएम ने विपक्ष की सरकारों में माफियाओं के आतंक का जिक्र किया।
- कुशीनगर में स्वास्थ्य और पहचान के संकट को खत्म करने का दावा किया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में 424 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 278 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद तमकुही राज और पावा नगर की पवित्र भूमि पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने जनसभा में अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विपक्ष की सरकारों में माफियाओं के आतंक को समाप्त करने का दावा किया।
विपक्ष पर सीएम का हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर में पहले पहचान का संकट और माफियाओं का आतंक व्याप्त था। उन्होंने बताया कि करीब नौ-दस साल पहले यहां खनन और बालू माफिया का आतंक था, जिससे युवा पीढ़ी अनजान है। इसके अलावा, इंसेफ्लाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों ने बच्चों की जानें ली थीं और स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल थी।
किसानों की स्थिति में सुधार
सीएम योगी ने किसानों की स्थिति को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले गन्ने की पर्ची नहीं मिलती थी और मिलने पर घटतौली का सामना करना पड़ता था। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम मंदिर के निर्माण में बाधा डाली और समाजवादी पार्टी को रामद्रोही बताया।
फाजिलनगर का नामकरण
मुख्यमंत्री ने फाजिलनगर का नाम बदलकर ‘पावागढ़’ करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह नाम भगवान महावीर से जोड़ा जाएगा। यह निर्णय विधायक और सांसद की मांग पर लिया गया है। सीएम ने कहा कि 2022 से पहले इस क्षेत्र का नाम मजाक का पात्र बन गया था, लेकिन अब इसे नई पहचान दी जाएगी।












