मुख्य बातें
- गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
- मुख्य आरोपी असद को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया, जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ शुरू किया।
- सूर्या के परिवार को आर्थिक मदद और नौकरी का आश्वासन दिया गया है।
गाजियाबाद के खोड़ा स्थित नवनीत विहार में 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की बकरीद के दिन चाकू से हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद और उसके साथियों को गिरफ्तार किया। असद, जो 50 हजार रुपये का इनामी था, को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। प्रशासन ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ चलाया है।
हत्या की घटना का विवरण
28 मई को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सूर्या को फोन कर बुलाया गया था। वहां पहले से मौजूद असद और उसके साथियों ने उसे चारों ओर से घेर लिया। बाइक चलाने को लेकर पुरानी रंजिश के चलते सूर्या पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए। गंभीर हालत में सूर्या को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे खोड़ा क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया।
पुलिस की कार्रवाई
सूर्या की हत्या के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। 30 और 31 मई की रात को पुलिस को सूचना मिली कि असद शहर से भागने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन असद ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में असद घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
ऑपरेशन क्लीन स्वीप
असद के एनकाउंटर के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। मुख्य आरोपी के पिता नवाब के घर पर अवैध कब्जे का नोटिस चस्पा किया गया। इसके बाद पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिनों का विशेष ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ शुरू किया गया। डीएम और पुलिस अधिकारियों ने ड्रोन कैमरों और आधुनिक उपकरणों के जरिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
परिवार को सहायता और समाज की प्रतिक्रिया
सूर्या की अस्थियों को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित किया गया, जहां परिजनों ने नम आंखों से विदाई दी। पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। मुस्लिम समाज ने भी असद के एनकाउंटर को सही ठहराया है, जबकि क्षेत्र में तनाव के कारण बाजार अब भी बंद हैं।
आगे की स्थिति
हालांकि, मुख्य आरोपी के एनकाउंटर के बाद भी सारिक मेवाती अभी तक फरार है। सूर्या के परिवार ने सभी आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर स्थिति को काबू में करने की कोशिश कर रही है।












