मुख्य बातें
- गाजियाबाद में बुजुर्ग महिला चंचल को अवैध कब्जे से मकान वापस मिला।
- डीएम रविंद्र कुमार ने त्वरित कार्रवाई कर पीड़िता को न्याय दिलाया।
- आरोपी ताज मोहम्मद पहले भी भूमि कब्जे के मामले में जेल जा चुका है।
- चंचल ने मुख्यमंत्री और डीएम का आभार व्यक्त किया।
गाजियाबाद के प्रताप विहार में एक बुजुर्ग महिला चंचल को उनके मकान से अवैध कब्जा हटाकर वापस दिलाया गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की, जिसके तहत पीड़िता की शिकायत पर जांच की गई। यह मामला तब सामने आया जब चंचल ने 29 मई को जनता दर्शन में ताज मोहम्मद द्वारा धोखाधड़ी से मकान कब्जाने की शिकायत की थी।
घटना का विवरण
चंचल ने बताया कि उन्होंने ताज मोहम्मद से केवल डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके बदले उन्होंने अपने मकान के असली दस्तावेज गिरवी रखे थे। बाद में ताज ने ब्याज की रकम को बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया। इसी धोखाधड़ी के माध्यम से उसने मकान पर अवैध कब्जा जमा लिया और बाद में यह कब्जा मोमिन नामक दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया।
डीएम का एक्शन
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी सदर और पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद डीएम ने खुद मौके पर जाकर अवैध कब्जा हटवाया। उन्होंने पीड़िता को तुरंत मकान की चाबियां सौंप दीं और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
पीड़िता की प्रतिक्रिया
अपना आशियाना वापस मिलने के बाद चंचल भावुक हो गईं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी का दिल से आभार व्यक्त किया। चंचल ने कहा कि प्रशासन की इस त्वरित मदद को वह जीवनभर नहीं भूलेंगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुसार हर जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
भविष्य की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि माफियाओं के खिलाफ यह कड़ा अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












