मुख्य बातें
- यूपी एसटीएफ ने अवैध वसूली के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।
- पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी के रिश्तेदारों पर आरोप हैं।
- मुख्य आरोपी आरटीओ सिपाही विपिन यादव को गिरफ्तार किया गया।
- 19 लोगों के खिलाफ वाराणसी में FIR दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी के रिश्तेदारों द्वारा संचालित अवैध वसूली के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो वाराणसी समेत अन्य जिलों में ट्रकों से अवैध एंट्री फीस वसूल रहे थे। यह कार्रवाई तब हुई जब आरोपियों ने आरटीओ के फर्जी अधिकारी बनकर ओवरलोडेड ट्रकों से ₹3000 की वसूली की।
रैकेट का संचालन
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी विपिन यादव गाजीपुर जिले के आरटीओ दफ्तर में सिपाही के रूप में कार्यरत है। उसने आरटीओ का अधिकारी बनकर वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर में ट्रकों से अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार किया था। इस रैकेट के अन्य सदस्यों को उसने फर्जी पहचान पत्र देकर ट्रक ड्राइवरों को डराने-धमकाने का काम सौंपा था।
वसूली की प्रक्रिया
एसटीएफ ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से हाईवे पर चलने वाले ओवरलोड ट्रकों को निशाना बनाता था। आरोपियों ने खुद को आरटीओ का एनफोर्समेंट सुपरवाइजर बताकर ट्रक ड्राइवरों पर कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाया। इसके बाद, ट्रकों को पास कराने के लिए हर गाड़ी से ₹3000 की वसूली की जाती थी।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में इंस्पेक्टर शिव नेत्र सिंह की शिकायत पर वाराणसी के फूलपुर थाने में पूर्व कैबिनेट मंत्री के भाई, भतीजे विपिन यादव, नाती आकाश चौधरी और रिश्तेदार राजा समेत 19 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। एसटीएफ अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।












