मुख्य बातें
- हिमाचल प्रदेश के चंबा में सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हुई।
- कार बर्फ से ढके सच पास की ओर जा रही थी, जब यह खाई में गिरी।
- स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना किया।
- सड़क सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं की कमजोरियों पर उठे सवाल।
हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले में शुक्रवार रात एक भयानक सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की जान चली गई। यह हादसा चुराह सब-डिवीजन के बैरगढ़-सच पास-किलर सड़क मार्ग पर हुआ, जब एक कार करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। यह घटना उस समय हुई जब वाहन बर्फ से ढके क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था, जहां दृश्यता कम और सड़क पर फिसलन अधिक थी।
हादसे का कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। चुराह क्षेत्र में बर्फबारी के कारण सड़कें पहले से ही जोखिम भरी मानी जाती हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय दृश्यता बेहद कम थी, जिससे हादसे की संभावना बढ़ गई।
राहत कार्य में चुनौतियाँ
दुर्घटना की जानकारी शनिवार दोपहर को मिली, जब कुछ ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन के अवशेष देखे। सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भौगोलिक स्थिति के कारण राहत कार्य में कठिनाइयाँ आईं। खड़ी ढलान और बर्फ से ढका इलाका बचाव दल के लिए चुनौती बन गया।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि सभी शव बरामद नहीं किए जा सके हैं और कुछ शवों को निकालने का प्रयास जारी है। चुराह क्षेत्र के विधायक ने कहा कि इलाके में मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण समन्वय में कठिनाई आई। मौसम की स्थिति को देखते हुए बचाव अभियान को रविवार सुबह फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क मार्ग पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर यातायात को मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में मौसम आधारित सतर्कता प्रणाली और मजबूत संचार नेटवर्क की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।












