उत्तर प्रदेश में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: रिश्वतखोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विजिलेंस टीम ने एक साथ कई जिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में हापुड़ (Hapur), कन्नौज (Kannauj), और बागपत (Baghpat) के अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। विशेष रूप से बागपत के जिला पूर्ति अधिकारी और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया, जबकि हापुड़ और कन्नौज में भी संबंधित अधिकारियों और उनके सहयोगियों को हिरासत में लिया गया।
बड़ी रिश्वतखोरी की घटनाओं में शामिल अधिकारी गिरफ्तार
विजिलेंस टीम ने मेरठ (Meerut) यूनिट की मदद से बागपत के जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इसी तरह क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी जोगिंदर सिंह को भी 10 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा गया। आरोप है कि दोनों अधिकारी एक कोटेदार से कमीशन के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
इसके अलावा, हापुड़ में स्टेनो जयदीप को 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। वह एक व्यापारी से फर्जी टैक्स मामले को समाप्त करने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। वहीं, कन्नौज की सदर तहसील में तैनात डिप्टी रजिस्ट्रार अश्विनी कुमार वर्मा को उनके निजी दलाल जितेंद्र श्रीवास्तव के साथ 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया गया। यह रिश्वत दाखिल-खारिज के मामलों में मांगी गई थी।
रिश्वतखोरी के मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी
जांच में पता चला कि जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी ने 25 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जबकि क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी जोगिंदर सिंह ने 500 रुपये प्रति माह के हिसाब से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जोगिंदर सिंह को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया और हाईवे से गिरफ्तार किया गया।
विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई के दौरान, कन्नौज के डिप्टी रजिस्ट्रार अश्विनी कुमार वर्मा और उनके दलाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह कदम यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।












