मथुरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी का सनसनीखेज मामला
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के थाना हाईवे क्षेत्र के महोली गांव में 28 मई को एक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में दो समूहों के बीच खुलेआम फायरिंग हुई, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह संघर्ष पुरानी रंजिश के कारण हुआ, जब एक पक्ष ने भंडारे का आयोजन किया और दूसरे पक्ष की मोटरसाइकिल से टक्कर हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने छह आरोपियों को हिरासत में लेकर अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इस घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि विपक्षी दलों ने वीडियो पोस्ट कर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
पुरानी रंजिश और विवाद की पुनरावृत्ति
महोली गांव में करीब छह महीने पहले भी पार्षद प्रतिनिधि और स्थानीय निवासी चंद्रपाल के बीच एक गंभीर झगड़ा हुआ था। उस समय गांव के जिम्मेदार लोगों ने मध्यस्थता कर मामले को शांत करा दिया था, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। 28 मई को मोटरसाइकिल टकराने और परिक्रमा मार्ग पर भंडारे का आयोजन करने को लेकर दोनों पक्ष फिर से आमने-सामने आ गए। इस प्रतिस्पर्धा ने देखते ही देखते हिंसक संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद यह झगड़ा खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि दोनों पक्ष बिना डर के गोलियां चला रहे हैं। इस गोलीबारी की तस्वीरें बेहद चौंकाने वाली हैं। इस हिंसक झड़प में कुल छह लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस फुटेज की मदद से फायरिंग करने वाले अन्य व्यक्तियों की पहचान कर रही है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला गंभीर धाराओं में दर्ज कर लिया है और हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, पुराने विवाद में पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि किसी पुलिसकर्मी का दोष पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।












