वाराणसी में पुरानी बकरी मंडी का बंदोबस्त और प्रशासनिक कदम
वाराणसी प्रशासन ने पुलिस बल की मदद से दशकों से संचालित बेनिया बाग बकरी मंडी को पूरी तरह से खाली कराकर सील कर दिया है। नगर निगम को इस मंडी में लगातार भीड़भाड़ और स्वच्छता की गंभीर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। यह कदम मंडी की अव्यवस्थाओं और साफ-सफाई की स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मंडी की अनुमति रद्द करने का आदेश और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद से महज एक हफ्ता पहले इस मंडी की अनुमति को रद्द करने का आदेश जारी किया। पिछले शुक्रवार को व्यापारियों को तीन दिन का नोटिस देकर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन आदेश का पालन न होने पर प्रशासन ने कठोर कदम उठाए। अधिकारियों ने व्यापारियों को स्वेच्छा से स्थान खाली करने का पर्याप्त समय दिया, लेकिन न मानने पर पुलिस की सहायता ली गई।
व्यापारियों की नाराजगी और भविष्य की चिंता
प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ पूर्वांचल के व्यापारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका आरोप है कि यह मंडी लगभग चार दशकों से संचालित हो रही है और पूरे उत्तर प्रदेश में इसकी खास पहचान है। गाज़ीपुर, मऊ, जौनपुर और गोरखपुर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में विक्रेता इस मंडी में आते हैं। व्यापारियों ने चिंता जताई है कि इतने कम समय में वे अपनी बकरियां कहां बेचेंगे और उनके व्यवसाय पर क्या असर पड़ेगा।












