सहारनपुर में पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी
सहारनपुर में पाकिस्तान (Pakistan) से जुड़े कथित स्लीपर सेल के चार संदिग्धों को ATS ने हिरासत में लिया है। जांच में पता चला है कि ये आरोपी मजदूर, ड्राइवर और वेल्डर जैसे पेशों से जुड़े थे, जो सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे नेटवर्क के संपर्क में थे। इन आरोपियों में सहारनपुर, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर के युवक शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में खामोशी छा गई है, और जांच एजेंसियां नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच का विस्तार
इस मामले में हरिद्वार के ढनढेरा गांव निवासी मुशर्रफ और मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज क्षेत्र के ट्रक ड्राइवर गगनदीप उर्फ गुरी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि गगनदीप का ट्रक ड्राइवर होने के नाते कई राज्यों में आना-जाना था, जिससे नेटवर्क को सहायता मिल सकती है। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के संपर्क, फंडिंग स्रोत और गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
परिवार और ग्रामीणों का आरोपों पर बयान
वहीं, आरोपियों के परिवार और गांव के लोग इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं। महकाब के पिता तसवार ने कहा कि उनका बेटा हरियाणा (Haryana) में वेल्डिंग का काम करता था और महीने-दो महीने में घर आता था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की मर्जी से किसी को भी उठा लिया जाता है, जबकि उनका बेटा खेतों में भी काम करता था।
गांव के जाकिर का कहना है कि उनका पड़ोसी शाहरूख मजदूरी करता था और किसी भी संदिग्ध गतिविधि में उसकी संलिप्तता नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग इन आरोपों से हैरान हैं। शाहरूख के पिता इकराम ने बताया कि उनका बेटा 18 से 19 साल का है और मजदूरी करता था। वह हर 5 से 10 दिन में घर आता था और अपने काम के ग्रुप से जुड़ा था, जिसके कारण उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद गांवों में पसरा सन्नाटा
महकाब के चाचा फरमान ने बताया कि ATS ने पहले महकाब को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। बाद में अधिकारियों के बुलावे पर परिवार ने उसे देवबंद (Deoband) स्थित ATS सेंटर से वापस लाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने initially कहा था कि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा, लेकिन बाद में उसका चालान कर लखनऊ (Lucknow) भेज दिया गया।
फरमान ने यह भी कहा कि उनका परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और पाकिस्तान (Pakistan) से किसी को भी कोई लाभ नहीं हो रहा है। उन्होंने युवाओं को बहकावे में न आने की सलाह दी। उनके अनुसार, महकाब हरियाणा में वेल्डिंग का काम करता था और सामान्य जीवन जी रहा था।
गिरफ्तारी के बाद ढिक्का कलां (Dhikka Kalan) और आसपास के इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिन युवकों को पहले मजदूर और ड्राइवर समझा जाता था, उनके खिलाफ इतने गंभीर आरोप लगने से हर कोई हैरान है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में लगी हैं कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को किस तरह नेटवर्क में जोड़ा जा रहा है और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।












