भारत के पूर्व निशानेबाज और खेल प्रशासक रंधीर सिंह का निधन
भारत के अनुभवी खेल प्रशासक और पूर्व निशानेबाज रंधीर सिंह का बुधवार को 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे और कुछ दिनों से दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। अंततः उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। रंधीर सिंह देश के पहले निशानेबाज थे जिन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक और खेल जीवन का सफर
1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर रंधीर सिंह ने भारतीय खेल इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद 1979 में उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1968 से 1984 के बीच पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई।
खेल प्रशासन में योगदान और अंतिम संस्कार
रंधीर सिंह ने खेल प्रशासन में भी लंबा समय बिताया और हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से एशियन ओलंपिक काउंसिल (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि उन्हें 2024 में चार साल के कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया था। उनके निधन पर नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने गहरा शोक व्यक्त किया है और उन्हें भारतीय खेल जगत का एक महान खिलाड़ी और सम्मानित प्रशासक बताया है। उनके परिवार में उनकी पत्नी विनिता और तीन बेटियां महिमा, सुनीना और राजेश्वरी हैं, जो खेल क्षेत्र से जुड़ी हैं।











