उज्जैन में वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से रेलवे सुरक्षा पर सवाल
मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में वंदे भारत ट्रेन पर अचानक हुए पथराव ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर अचानक पत्थर फेंक दिए, जिससे यात्रियों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में छह कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई। यह घटना उज्जैन स्टेशन से लगभग 250 मीटर दूर गदा पुलिया के पास हरिफाटक रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई।
रात के समय हुई घटना और जांच में जुटी रेलवे सुरक्षा बल
जानकारी के अनुसार, यह घटना 25 मई सोमवार की रात करीब पौने ग्यारह बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन उज्जैन से इंदौर की ओर रवाना हो रही थी। जैसे ही ट्रेन हरिफाटक रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, पहले से मौजूद कुछ बदमाशों ने अचानक ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले से यात्रियों में हड़कंप मच गया और कई को समझने में भी देर हो गई कि आखिर क्या हुआ। पत्थर सीधे कोचों की खिड़कियों से टकराए, जिससे कई शीशे टूट गए और कुछ में दरारें आ गईं। घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तुरंत ही इस घटना की जानकारी अपने अधिकारियों को दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें संदिग्ध व्यक्तियों को रेलवे ट्रैक के पास घूमते देखा गया है। फिलहाल, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही आरोपियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्धों की तलाश जारी
घटना के दौरान रात का समय होने के कारण, सुरक्षा कारणों से ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया और वह अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ती रही। हालांकि, इस घटना ने यात्रियों में भय का माहौल बना दिया है। आरपीएफ ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया है। जांच में पता चला है कि इस पथराव में छह कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए हैं, लेकिन किसी यात्री को चोट नहीं आई, जो राहत की बात है।
रेलवे सुरक्षा बल ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बना रहा है। साथ ही, रेलवे ट्रैक और क्रॉसिंग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है। वंदे भारत जैसी आधुनिक और प्रमुख ट्रेनों पर इस तरह की घटना ने रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
यात्रियों का मानना है कि रेलवे को संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। फिलहाल, आरपीएफ की टीम संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। रेलवे अधिकारी जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दे रहे हैं।









