मुख्य बातें
- कार में सुरक्षा उपकरणों का होना अनिवार्य, नियमों का पालन जरूरी है।
- सीटबेल्ट रिमाइंडर और ABS जैसे फीचर्स को नजरअंदाज न करें।
- HSRP नंबर प्लेट और ओवरस्पीड वार्निंग सिस्टम का ध्यान रखें।
- टिंटेड ग्लास पर नियमों का उल्लंघन भारी पड़ सकता है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने कारों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कई अनिवार्य फीचर्स की घोषणा की है। ये नियम सभी नए वाहनों पर लागू होते हैं, जिनमें ABS, सीटबेल्ट रिमाइंडर, ओवरस्पीड वार्निंग सिस्टम और रिवर्स पार्किंग सेंसर शामिल हैं। इन सुरक्षा उपकरणों का पालन न करने पर चालान और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
सीटबेल्ट और रिमाइंडर की अनिवार्यता
कार में सीटबेल्ट का उपयोग केवल ड्राइवर के लिए नहीं, बल्कि पीछे बैठे यात्रियों के लिए भी आवश्यक है। MoRTH के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से M1 कैटेगरी के नए वाहनों में पीछे की सीटों के लिए सीटबेल्ट रिमाइंडर होना अनिवार्य है। सीटबेल्ट न लगाने पर चालान भी हो सकता है, जैसे कि दिल्ली में इसके लिए ₹1,000 का जुर्माना है।
ABS और रिवर्स पार्किंग सेंसर
एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) चार पहिया वाहनों में अनिवार्य है, जो अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से बचाता है। इसके अलावा, रिवर्स पार्किंग सेंसर और ओवरस्पीड वार्निंग सिस्टम भी सुरक्षा तकनीकों में शामिल हैं। इन उपकरणों को जानबूझकर बंद करना या मॉडिफाई करना उचित नहीं है।
HSRP नंबर प्लेट का महत्व
HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) का उपयोग भी अनिवार्य है। गलत या फैंसी नंबर प्लेट लगाने पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा ₹5,000 से ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। MoRTH ने ड्राइवर एयरबैग की अनिवार्यता 1 जुलाई 2019 से लागू की थी, जबकि को-ड्राइवर एयरबैग के लिए यह तिथि 31 दिसंबर 2021 है।
स्पीड अलर्ट सिस्टम और टिंटेड ग्लास
नई कारों में ओवरस्पीड वार्निंग सिस्टम ड्राइवर को निर्धारित गति से अधिक रफ्तार पर चेतावनी देता है। इसे निष्क्रिय करने से सुरक्षा में कमी आ सकती है। इसके अलावा, कार की खिड़कियों पर ब्लैक फिल्म लगाना भी नियमों के खिलाफ है। केवल फैक्ट्री-फिटेड टिंटेड ग्लास की अनुमति है।
चालान से बचने के उपाय
सुरक्षा उपकरणों को हटाने या बंद करने से बचें। हमेशा सीटबेल्ट लगाएं, नंबर प्लेट को मानक के अनुसार रखें और ABS, रिवर्स सेंसर, स्पीड अलर्ट जैसे सिस्टम को समय पर ठीक करवाएं। स्थानीय ट्रैफिक नियमों का पालन करना भी आवश्यक है, क्योंकि जुर्माने की राशि और प्रवर्तन राज्य के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।






