मुख्य बातें
- झारखंड के JPSC और JSSC एग्जाम में धांधली के आरोपी अभय तिवारी का घर सीआईडी ने किया था खंगाला।
- अभय तिवारी ने 300 गज में आलीशान मकान खरीदा, जांच में भ्रष्टाचार के पैसे से खरीदी का संदेह।
- अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं, जिसमें परीक्षा संचालन में धांधली का आरोप।
- सीआईडी अब अन्य आरोपियों और सिंडिकेट के सदस्यों की तलाश में जुटी है।
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के आरोपी अभय तिवारी के रांची स्थित घर पर सीआईडी ने छापेमारी की। अभय का 300 गज का यह मकान हाल ही में खरीदा गया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह संपत्ति परीक्षा में हुई धांधली के काले धन से खरीदी गई है। अभय तिवारी को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और वह सीआईडी की रिमांड पर है।
घर पर ताला, जांच जारी
सीआईडी की टीम ने अभय तिवारी के घर पर पहुंचकर ताला लगा पाया। यह मकान दो साल पहले खरीदी गई जमीन पर बनाया गया है। सीआईडी ने पहले भी इस आवास पर छापेमारी की थी, लेकिन अब इस संपत्ति के पीछे के स्रोत की जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार के आरोप
अभय तिवारी पर आरोप है कि उसने परीक्षा संचालन में धांधली के लिए एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका दिलवाया था। इस डील के तहत उसने 25 प्रतिशत कमीशन और 2 करोड़ रुपये की भारी रकम वसूली थी। यह खुलासा सीआईडी की पूछताछ के दौरान हुआ है।
सिंडिकेट का खुलासा
अभय तिवारी ने ‘TDPL’ नाम की एजेंसी में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम करते हुए एक पूरा सिंडिकेट बना लिया था। वह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सीटों की सेटिंग और धांधली का कारोबार चला रहा था। सीआईडी अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
अगले कदम
सीआईडी की जांच में अभय तिवारी के दो भाई भी शामिल हैं, जिनमें से एक गोड्डा जिले में सरकारी नौकरी कर रहा है। सीआईडी अब इस पूरे मामले में और भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि अन्य आरोपियों को पकड़ा जा सके और परीक्षा में हुई धांधली का पूरा सच सामने आ सके।






