मुख्य बातें
- कपूरथला में माता भद्रकाली मंदिर के बाहर महिला और बच्चों के साथ मारपीट का मामला सामने आया।
- पीड़ित परिवार ने आरोपी पक्ष पर धमकाने और पैसे देकर मामला खत्म करने का आरोप लगाया।
- वाल्मीकि समाज ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
पंजाब के कपूरथला में माता भद्रकाली मंदिर के बाहर एक महिला और उसके बच्चों के साथ हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष ने उन्हें घर जाकर धमकाया और पैसे देकर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया।
घटना का विवरण
घटना की शुरुआत एक मोटरसाइकिल के शीशे को छूने से हुई थी। पीड़ित परिवार के 9 साल के बच्चे ने बताया कि दो दिन पहले भी एक मोटरसाइकिल उससे टकराई थी, लेकिन उस समय किसी ने कुछ नहीं कहा। बच्चे का कहना है कि घटना वाले दिन उसने एक मोटरसाइकिल का शीशा छू दिया था, जिससे वह थोड़ा टेढ़ा हो गया। इसके बाद आरोपी दुकानदार ने उसे गालियां दीं और विवाद बढ़ गया।
मारपीट की घटना
जब दुकानदार ने बच्चे को गालियां दीं, तो उसकी मां ने हस्तक्षेप किया। महिला ने दुकानदार से अपील की कि वह बच्चे को गालियां न दे। लेकिन इस पर दुकानदार और भड़क गया और उसने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला की गोद में एक साल की बच्ची थी, जो डर के मारे रो रही थी। महिला ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने उसकी स्थिति की परवाह नहीं की और बेरहमी से मारपीट करता रहा।
धमकी और पैसे का दबाव
पीड़ित महिला के पति ने बताया कि आरोपी दुकानदार के पिता और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने परिवार को धमकाया और 20 हजार रुपये देकर मामले को खत्म करने का दबाव बनाया। पति का कहना है कि उन्हें चुप रहने के लिए कहा गया और परिवार की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।
वाल्मीकि समाज की प्रतिक्रिया
इस मामले में वाल्मीकि समाज के नेता चरणजीत हंस ने पीड़ित परिवार के समर्थन में पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वाल्मीकि समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। समाज ने चक्का जाम की भी चेतावनी दी है।
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद पुलिस उनकी मदद के लिए अब तक नहीं पहुंची। वहीं, वाल्मीकि समाज ने भी पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का दावा किया है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है।






